आपको भी हो सकता है निमोनिया जाने क्या है महत्वपूर्ण बिंदु

आपको भी हो सकता है निमोनिया जाने क्या है महत्वपूर्ण बिंदु

 

दोस्तों आज मैं आपको को निमोनिया के बारे में बताने वाला हूं आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण बिंदु के बारे में यदि आपके घर में किसी बच्चे को निमोनिया हो गया है तो आप उसकी पहचान कैसे करे आइए जानते हैं| आइये जानते है निमोनिया की पहचान कैसे  करे | p

  • निमोनिया की पहचान कैसे करे
  • सांस की गति को नापने का तरीका (नवजात एवं वयस्क में )
  • उम्र के अनुसार एमोक्सी दवा की मात्रा (Tab.and oral suspension)
  • गंभीर निमोनिया के लक्षण
  • मरीज को कब रेफर करना है

निमोनिया की पहचान

निमोनिया की पहचान करने के लिए ऐसे बच्चे जिनमें खांसी बुखार, खा पी नहीं रहा हो, सांस लेने में तकलीफ हो ऐसे में सभी बच्चों में निम्नलिखित लक्षणों का जांच करना चाहिए –

nimoniya ki pahchan

  • * पसली धंसना
  • *सांस की गति तेज होना
  • नवजात में 60 या 60 से अधिक प्रति मिनट
  • 01 माह से 01 वर्ष -50 या 50 से अधिक प्रति मिनट
  • 01 वर्ष से 05 वर्ष 40 या 40 से अधिक प्रति मिनट

*गाढ़ा पिला बलगम निकालना

निमोनिया के लिए इलाज

निमोनिया जाने क्या है

निमोनिया के लक्षण पहचानने के बाद एमोक्सी दवा से 5दिन का इलाज करना है –

दवा देने का तरीका:- उम्र अनुसार दवा की मात्रा को लेकर दूध या पानी में घोल कर पिलाना चाहिए दवा 12-12 घंटे के अंतराल में पिलाना चाहिए|

दवा देने का फार्मूला:- 40 मिग्रा. x बचे का वजन (किग्रा.) प्रति डोज दिन में दो बार

ध्यान रखे:- कभी भी एमोक्सी दवा का अधूरा डोज नहीं देना है|पूरा डोज 5 दिन का है|

उम्र के अनुसार अमोक्सी (अमोक्सिसिलिन) दवा की मात्रा

इस तालिका के अनुसार आप दवा खा सकते हैं

गंभीर निमोनिया की पहचान

बच्चे में निम्नलिखित खतरे के लक्षण गंभीर निमोनिया दर्शाते है –

  • सांस लेने में घरघराहट
  • बच्चा बेहोश या अत्यधिक सुस्त हो जाना
  • बच्चा खाने पीने में असमर्थ हो जाना
  • झटके आना
  • लगातार उल्टी होना
  • बच्चा गंभीर कुपोषण की श्रेणी में होना

गंभीर निमोनिया के लक्षण मिलने पर बच्चे को नजदीकी अस्पताल में जांच करना चाहिए |

निमोनिया से बचाव के लिए क्या करना चाहिए –

  • बच्चे को ठंड से बचाव करना चाहिए|
  • ठंड के दिनों में 2 से 3 परत कपड़े पहनकर रखना चाहिए|
  • सामान्य सर्दी खांसी में अदरक तुलसी का चाय पिलाना चाहिए|
  • गर्म पानी का भाप दिलाना चाहिए
  • सर्दी हो या गर्मी हमेशा गर्म भोजन करना चाहिए

निमोनिया से बचाव के घरेलू उपाय:
बच्चे को गर्म कपड़े पहनाकर रखें, स्वच्छ पानी पिलाएं, समय पर टीकाकरण (Vaccination) करवाएं और घर में धुएं या प्रदूषण से बचाएं।

निमोनिया से बचाव के उपाय:
बच्चों को समय पर निमोनिया का टीका (PCV Vaccine) लगवाएं।
घर में वेंटिलेशन सही रखें और धुएं से बचाएं।


डॉक्टर को कब दिखाएं:
यदि बच्चे की सांस बहुत तेज चल रही हो या पसलियां धंस रही हों।
यदि बच्चा सुस्त हो जाए या दूध पीना बंद कर दे।


डॉक्टर के पास कब जाएं:
यदि बच्चा दूध पीना बंद कर दे, पसलियां तेजी से चलने लगें, होठ नीले पड़ने लगें या बुखार बहुत तेज हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें।

निमोनिया के मरीज की देखभाल कैसे करें:(pneumonia)
मरीज को पर्याप्त आराम करने दें और शरीर में पानी की कमी न होने दें (गुनगुना पानी या तरल पदार्थ दें)।
डॉक्टर द्वारा दी गई एंटीबायोटिक (Amoxicillin) या अन्य दवाओं का कोर्स पूरा करें, बीच में दवा बंद न करें।

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डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी दवा या उपचार को अपनाने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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